पश्चिम बंगाल के तट से टकराया तूफान 'रेमल'
बांग्लादेश में भी तट से टकराया तूफान 'रेमल'
पश्चिम बंगाल में NDRF की कुल 14 टीमें तैनात
कोलकाता के समुद्री तट पर रेमल चक्रवात का लैंडफॉल शुरू चक्रवात से होने वाले नुकसान और लोगों की जान माल की सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों पर प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार देर शाम एक बैठक की अध्यक्षता की और परिस्थिति के बारे में जानकारी ली।
चक्रवात ‘रेमल’ अब चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। कुछ ही देर में यह पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप पर टकराएगा। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि यह चक्रवात जब दस्तकर देगा उस वक्त 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और उनका वेग 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगा। चक्रवात से होने वाले नुकसान और लोगों की जान माल की सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों पर प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार देर शाम एक बैठक की अध्यक्षता की और परिस्थिति के बारे में जानकारी ली।
चक्रवात को देखते हुए पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने एहतियात के तौर पर दक्षिण और उत्तर 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिले के तटीय जिलों में कई ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं। कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों ने चक्रवात रेमल के संभावित प्रभाव के कारण रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ान संचालन निलंबित करने का फैसला किया है। भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) के एक प्रवक्ता ने कहा कि उड़ान निलंबन अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों क्षेत्रों में आने-जाने वाली कुल 394 उड़ानों का हवाई अड्डे से संचालन नहीं होगा।
बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवात 'रेमल' (Cyclone Remal) रविवार आधी रात को लैंडफाल करेगा। इसे लेकर बंगाल में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। कोलकाता एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। राज्य के तटीय इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 12 टीमों को तैनात किया गया है। नौसेना व भारतीय तटरक्षक बल भी अलर्ट पर है।
मौसम कार्यालय ने बताया कि रेमल उत्तर की ओर बढ़ रहा है और रविवार आधी रात तक मोंगला बंदरगाह के दक्षिण-पश्चिम के निकट सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) और खेपुपारा (बांग्लादेश) के बीच तटों को पार करने से पहले इसके और तेज होने की संभावना है। कोलकाता में मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख सोमनाथ दत्ता ने कहा कि दक्षिण बंगाल के कई जिलों में रविवार शाम से 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे कोलकाता, हावड़ा, हुगली और पूर्व मेदिनीपुर प्रभावित होंगे। दत्ता ने कहा, “रेमल नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन इसके 2020 में आए चक्रवात ‘अम्फान’ के मुकाबले कम विनाशकारी रहने की संभावना है।”